रविवार, 2 अक्टूबर 2011

साधारण समस्याएं..... साधारण प्रार्थनाओं से सुलझ सकती हैं.......,

परन्तु "जब कोई बड़ी समस्या आती है..............., तो आपको बड़ी प्रार्थनाये करनी पड़ती हैं................ | "

" अगर आपको आस्था से विश्वास और परिणाम चाहिये..... तो बड़ी प्रार्थना करना सीखना चाहिये..... |"

आप चाहें तो अपनी स्वयं की प्रार्थना भी बना सकतें हैं.....

जैसे मेरी प्रार्थना......

"ओ मेरे प्यारे ईश्वर.......

अगर मैंने जाने - अनजाने में किसी का भी दिल दुखाया है..... तो वो... और आप... मुझे नादान समझ कर..... मेरी गलतियों के लिए मुझे क्षमा करें....

मैं आपकी शरण में हूँ ........,

मैं आपको...... आपके प्रेम..... और आपके आशीर्वाद..... को महसूस कर रहा हूँ.........

मैं जानता हूँ आप हमेशा से मेरे अंदर ही हैं.........

आप सबका कल्याण कीजिये......आप सबका कल्याण कीजिये......आप सबका कल्याण कीजिये......"

"इसे कम से कम 15 मिनट तक दोहराइये....."

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें